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अल्पसंख्यक विधायक प्रतिनिधि हुमायूं अंसारी की पुत्री के विवाह समारोह में तीन विधायकों ने दी नवदंपती को शुभकामनाएँ

हुमायूं अंसारी की पुत्री के विवाह समारोह में तीन विधायकों ने दी नवदंपती को शुभकामनाएँ

राँची, 20 जुलाई। राँची जिले के ओरमांझी प्रखंड स्थित पार्क पैलेस होटल, भगवान बिरसा जैविक उद्यान (भगवान बिरसा बायोलॉजिकल पार्क) के निकट सोमवार की शाम आयोजित भव्य दावत-ए-वलीमा (Wedding Reception) समारोह में राजनीतिक, सामाजिक एवं बौद्धिक जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। यह समारोह खिजरी विधानसभा क्षेत्र के अल्पसंख्यक विधायक प्रतिनिधि हुमायूं उर्फ नईम अंसारी की सुपुत्री सबा आफरीन एवं सरफराज हुसैन के विवाह उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। समारोह में विधायक दल के उपनेता सह खिजरी विधायक राजेश कच्छप, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोमनाथ मुंडा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दंपती का जीवन प्रेम, विश्वास, आपसी सम्मान, सौहार्द, सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य से परिपूर्ण रहे। समारोह में विधायकों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। इस अवसर पर सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों तथा सामुदायिक सौहार्द की सुंदर झलक देखने को मिली। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक एवं पारिवारिक अवसर समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करते हैं। विवाह समारोह सह दावत-ए-वलीमा में विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, व्यवसायियों, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। सभी ने नवदंपती को उनके उज्ज्वल भविष्य, सफल दांपत्य जीवन तथा खुशहाल पारिवारिक जीवन की कामना की। समारोह के दौरान पारंपरिक आत्मीयता, उत्कृष्ट आतिथ्य एवं सांस्कृतिक सौहार्द का मनमोहक वातावरण देखने को मिला। आगंतुकों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया तथा पूरे आयोजन में अनुशासन, सौहार्द, अपनापन और उत्साह का विशेष वातावरण बना रहा। पारंपरिक व्यंजनों एवं सुसज्जित आयोजन ने उपस्थित अतिथियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। यह आयोजन केवल एक पारिवारिक समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, पारस्परिक सम्मान, सांस्कृतिक परंपराओं एवं सामुदायिक सौहार्द का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। समारोह में सभी वर्गों एवं समुदायों के लोगों की सहभागिता ने सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का सशक्त संदेश दिया।